मेरी सायरी के दर्द को न समझ सके तुम,
नाम 'बेदर्द' जो रख दूँ तो फिर मत कहना
मिजाजी
Monday, June 8, 2009
Saturday, June 6, 2009
सभी अल्कन के मित्रों के लिए
दोस्तों रहने दो, दस्तूर निभाते क्यूँ हो?
दिल तो मिलता ही नहीं, हाथ मिलाते क्यूँ हो ।
मिजाजी
दिल तो मिलता ही नहीं, हाथ मिलाते क्यूँ हो ।
मिजाजी
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